28 सितंबर भगत सिंह की जयंती पर कांग्रेस में शामिल होंगे कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी

28 सितंबर को सीपीआई नेता कन्हैया कुमार और गुजरात के वडगाम विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी कांग्रेस में शामिल होंगे. 28 सितंबर को शहीद भगत सिंह की जयंती है. इससे पहले जानकारी सामने आई थी कि कन्हैया कुमार कांग्रेस पार्टी के संपर्क में हैं. बीते दिनों उनकी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात भी हुई थी.

कन्हैया कुमार के करीबी सूत्रों की मानें तो वो ये मानते हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी के खिलाफ अगर कोई एक नेता पूरे दमखम से लड़ रहा है तो वो कांग्रेस नेता राहुल गांधी हैं. ऐसे में कन्हैया को लगता है राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने की जरूरत है.

सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी देशभर में बीजेपी विरोधी युवा नेताओं की नई टीम बना रहे हैं. इस टीम का अहम सदस्य कन्हैया हो सकते हैं. यानी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस में कन्हैया कुमार की भूमिका राष्ट्रीय स्तर की होगी. सूत्रों ने ये भी बताया था कि  गुजरात प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल कन्हैया और जिग्नेश दोनों युवा नेताओं और कांग्रेस के नेतृत्व के बीच बातचीत की मध्यस्थता कर रहे हैं.

सूत्रों के अनुसार इस मुलाकात की पटकथा चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने लिखी थी। जो इन दिनों पर्दे के पीछे से कांग्रेस के लिए काम कर रहे हैं और आने वाले समय में पार्टी में शामिल भी हो सकते हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों ही नेताओं को दिल्ली में राहुल गांधी और हार्दिक पटेल की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता दी जा सकती है।

युवा नेताओं की खाली जगहों को भरने की कवायद:

पिछले दिनों कांग्रेस में हुए उलटफेर के बाद कई युवा नेताओं ने पार्टी का साथ छोड़ दिया। जिसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया, सुष्मिता देव, जितिन प्रसाद, प्रियंका चतुर्वेदी और ललितेशपति त्रिपाठी जैसे नाम शामिल हैं।

पार्टी अब नए चेहरे के तौर पर कन्हैया और जिग्नेश को आगे करेगी। उत्तर प्रदेश का चुनावी मैदान, वह पहला पड़ाव होगा जहां दोनों युवा नेता पार्टी के लिए प्रचार करते हुए नजर आ सकते हैं।

मूल रूप से बिहार से ताल्लुक रखने वाले कन्हैया जेएनयू में कथित तौर पर देशविरोधी नारेबाजी के मामले में गिरफ्तारी के बाद सुर्खियों में आए थे. वह पिछले लोकसभा चुनाव में बिहार की बेगूसराय लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के खिलाफ सीपीआई के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़े थे, हालांकि वह हार गए थे. दूसरी तरफ, दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले जिग्नेश गुजरात के वडगाम विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक हैं.

कन्हैया को बिहार में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी:

कहा जा रहा है कि कन्हैया कुमार को बिहार कांग्रेस में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। एआईसीसी प्रभारी भक्त चरण दास कई बार बिहार में पार्टी पुनर्गठन को लेकर प्रस्ताव दे चुके हैं। सूत्रों की मानें तो कन्हैया के शामिल होने के मद्देनजर पार्टी ने नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति में देरी की है।

बिहार की राजनीति में कांग्रेस पिछले तीन दशक से है लेकिन कोई करिश्मा करने में कामयाब नहीं रही है, पिछले चुनाव में पार्टी राजद के साथ चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें 70 में से 19 सीटों पर जीत मिली थी।