अफगानिस्तान को हराने के साथ वर्ल्ड कप में बने रहने के लिए भारतीय टीम को करनी होगी ये 3 चीजे

भारतीय क्रिकेट टीम को आज अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबला खेलना है जो करो या म’रो का मैच है। दिक्कत यह भी है कि टीम अगर अपने बचे हुए तीनों मैच जीत जाए तो भी सेमीफाइनल पहुंचने का टिकट मिलना गारंटी नहीं रह गया है। लेकिन सबसे पहले भारत को सेमीफाइनल की रेस को जिंदा रखने के लिए अफगानिस्तान को मात देनी ही होगी।

यह सबसे पहला काम है। ऐसा कभी नहीं हुआ कि भारतीय टीम टी20 वर्ल्ड कप में तीन मैच खेलकर बाहर हो जाए। लेकिन अगर आज भारत हार जाता है तो वह पूरी तरह सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो जाएगा। टी20 वर्ल्ड कप 2021 में भारत ने पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ दो मैच हारे हैं और आज उनका तीसरा मुकाबला है।

यहां पर ऐसी तीन चीजों के बारे में बात करेंगे जो भारत को उनका अभियान जारी रखने और अफगानिस्तान को हराने के लिए अहम होंगी-

1) टीम सेलेक्शन सही करना होगा

भारत ने अपनी शुरुआती 15 सदस्यीय टीम में पांच स्पिनर और तीन तेज गेंदबाज रखे हैं। यह साफ है भारत प्रतियोगिता को शुरू करने से पहले विपक्षी टीम को स्पिन के पैंतरे में फंसाने की सोच लेकर उतर रहा था। लेकिन शुरुआत के दो मैचों में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला।

अश्विन और राहुल चाहर को बाहर बैठाया गया। तेज गेंदबाजी में खास अच्छे विकल्प नहीं दिखाए दिए। केवल जसप्रीत बुमराह ही तेज गेंदबाजी के मोर्चे पर ठीक लगे हैं। ऐसे में भारत 150 रन भी बनाता है तो डिफेंड करना मुश्किल होगा।

2) बल्लेबाज को इरादों के साथ खेलना होगा-

भारत की मजबूत बैटिंग लाइन-अप मानों इस बार दिमाग मे पहले ही एक टोटल लेकर खेल रही है। खिलाड़ी शॉट खेलने से पहले नजरें जमाने पर ध्यान दे रहे हैं जिसने भारत का नुकसान ही किया है। रोहित, राहुल और कोहली की यह सोच बाकी बल्लेबाजों पर दबाव डाल रही है।

यूएई की पिचें ऐसी नहीं कि आप जब चाहें स्ट्रोकप्ले कर सकें। खासकर पहले बैटिंग करते हुए काफी दिक्कत आती है लेकिन आपकी कोशिश तो करनी ही होगी। भारतीयों ने कोशिश ना करने की गलती करके खेल का बेड़ागर्क किया है। भारत को निडर ब्रांड क्रिकेट खेलकर विकेट गिरने के बावजूद शॉट्स खेलने होंगे।

3) सिर्फ तय प्लान नहीं, मैच के हिसाब से भी खेलना होगा

विश्व कप में दो बड़ी टीमों पाकिस्तान और इंग्लैंड ने दिखाया है कि उनके पास अपने विपक्षियों को लेकर प्लान मौजूद था लेकिन साथ ही वे मैच की परिस्थितियों के अनुसार भी चल रहे थे।

भारत ने यहां पर मैच के हिसाब से चलने वाली बात को नहीं अपनाया है। टीम अपने प्लान के एक तय पैटर्न पर टिकी रही है। उनको पाकिस्तान और न्यजीलैंड ने बाए हाथ के तेज गेंदबाजों के जरिए नुकसान पहुंचाया।

जब भारत ने कीवी टीम के खिलाफ 110 रन बनाए तो वरुण चक्रवर्ती से गेंदबाजी ओपन करा ली जो अच्छी बात थी लेकिन कोहली द्वारा जिस तरह की फील्डिंग सेट की गई थी उससे यह साफ हो चला था टीम विकेट के लिए नहीं जा रही है।