रॉयल जैली एड्स हो या कैंसर या फिर हृदय रोग, ये है 90 से अधिक रोगों का अचूक रामबाण उपाय, जिसकी कीमत 20 लाख/किलो है, इसको निःशुल्क पाएँ!!

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रॉयल जैली जो सिर्फ रानी मधुमक्खी के लिए बनाया जाता है

रॉयल जैली के बारे में आपने शायद ही सुना होगा बहुत कम लोग जानते हैं की रॉयल जैली क्या है और यह कहाँ से मिलती है और किस काम आती है रॉयल जैली की बाज़ार में कीमत 20 लाख रूपए किलो तक होती है। लेकिन गाँव में मधुमक्खियों के छत्ते से यह आप निःशुल्क प्राप्त कर सकते है क्योंकि बहुत कम लोगो को इसके चमत्कारी गुणों के बारे में पता है। गाँव के लोग अक्सर मधुमक्खियों के छत्ते से शहद निकाल कर उनको फेक दिया जाता है। जो एक बहुत कीमती औषिधि है।

रॉयल जैली क्या है और कहाँ से मिलती है ? रॉयल जैली एक ऐसा पदार्थ या भोजन कह सकते है जिसे सिर्फ रानी मधुमक्खी के लिए बनाया जाता है इसके लिए आपको मधुमक्खी के कार्य प्रणाली को समझना होगा . किसी भी छत्ते में रानी ही अंडे देती हैं उसका काम अंडे देना ही होता है श्रमिक और रानी का जन्म एक ही प्रकार के अंडे से होता है। जब भी श्रमिक मधुमक्खियाँ किसी लार्वें को रानी बनाना चाहती हैं, तो वे उसे रॉयल जैली नाम का एक विशेष प्रकार का भोजन खिलाना शुरू कर देती हैं। इस भोजन को अंग्रेज़ी में रॉयल जैली कहते हैं।

वह लार्वा, जिसे अपने पूरे जीवनकाल तक यह भोजन खिलाया जाता है, रानी बन जाता है। अन्य लार्वे, जिन्हें यह भोजन पूरा नहीं मिल पाता है, श्रमिक बन जाते हैं। श्रमिक बनने वाले लार्वों को केवल दो तीन दिन तक ही रॉयल जैली दिया जाता है, फिर इनका पोषण एक साधारण भोजन द्वारा ही किया जाता है। रानी जो अंडे देती है। वे दो प्रकार के होते हैं :

श्रमिक
नर
वे अंडे, जिनसे नर निकलते हैं, रानी गर्भाधारन कराए बिना ही दे सकती है। लेकिन श्रमिक उत्पन्न करने वाले अंडे वह केवल गर्भाधान होने के बाद दे सकती है। रानी को डंक तो होता है, लेकिन इसका उपयोग वह तभी करती है जब किसी दूसरी रानी से उसकी लड़ाई होती है।

रॉयल जैली किस काम आती है ?

रॉयल जैली बहुत ही कीमती पदार्थ है जो मधुमक्खियों की ग्रंथि से झरता है। जो मधुमक्खियों की रानी की मुख्य खुराक भी है। रॉयल जैली खाने के कारण ही रानी मक्खी बनी रहती है और बच्चे पैदा करती रहती है यही कारण है की जिन पुरुषों या महिलायों में बच्चे को लेकर समस्या आती है सब कुछ नार्मल होने के बाद भी यदि बच्चे नहीं होते तो उनके लिए ये रामबाण दवाई की तरह काम करता है।

रॉयल जैली हृदय रोग, कोलेस्ट्रॉल, कैंसर, डिप्रेशन, ब्लडप्रेशर समेत 90 से अधिक रोगों के उपचार में काम आती है। इतना ही नहीं साइंटिस्ट मधुमक्खी के रॉयल जेली की मदद से अब एड्स जैसी घातक बीमारियों के साथ ही सभी गुप्त रोगों से सम्बन्धी दवाइयों को बनाने में लगे हैं।
मधुमक्खी के डंक लगने से शरीर में सूजन हो जाती है और दर्द भी होता है, पर इसका जहर हानिकारक नहीं होता। गठिया, जोड़ों के दर्द आदि के लिये इसे उपयोगी समझा जाता है।

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