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अपने ही शो में महात्मा गांधी का बार-बार सही से नाम नहीं ले पाए अमीश देवगन, लोगों ने जमकर लपेटा

केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा महात्मा गांधी और वीर सावरकर को लेकर दिये गए बयान पर घमा’सान मचा हुआ है। दरअसल, एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि वीर सावरकर ने महात्मा गांधी के कहने पर ही अंग्रेजों के सामने दया याचिका लगाई थी।

इस मामले को लेकर मशहूर पत्रकार अमिश देवगन ने अपने शो में भी चर्चा की। लेकिन शो की शुरुआत में ही अमिश देवगन महात्मा गांधी का नाम लेते वक्त हकला गए और 3-4 बार प्रयास के बाद महात्मा गांधी का पूरा नाम पढ़ पाए। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

अमिश देवगन अपने वीडियो में कहते हुए दिखाई दिए, “मैं अपनी तरफ से कोई प्वॉइंट नहीं रखूंगा, बल्कि आप लोगों को तथ्य दिखाऊंगा।” ‘यंग इंडिया’ अखबार की प्रति को दिखाते हुए न्यूज एंकर ने कहा, “मैं यंग इंडिया अखबार की कॉपी निकालकर लाया हूं, जिसे मोहन जान, मोहनचंद करमदस, करम चंद, माफ करिएगा मोहनदास करम चंद् गांधी ने संपादित किया है।”

अपने इस वीडियो को लेकर अमिश देवगन सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए। कांग्रेस नेता श्रीनिवास बी.वी ने लिखा, ‘भाई कहना क्या चाहते हो?’

वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी ने टिप्पणी की ‘गांधीजी के नाम पर जो इतना हकलाने लगे, ज़रूर उसे अपनी खोट का बोध कचोटा होगा। वैसे, हमारे दौर में इतना अज्ञान उजागर होने पर पत्रकार को नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता था।’

पत्रकार साक्षी जोशी ने लिखा, ‘ध्यान से सुनिये, इन्हें यह तक एहसास नहीं है कि महात्मा गांधी के बारे में बात कर रहे हैं…इतिहास के ज्ञान का यही स्तर है।

पत्रकार आदेश रावल ने अमिश देवगन के इस वीडियो को साझा करते हुए तंज कसा और लिखा, “अमरेश, देवेश, माफ कीजिएगा अमिश जी, मोहन दास करम चंद गांधी।”

अभिषेक तिवारी नाम के यूजर ने वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा, “चलो इन्होंने माना तो कि ये रोजाना अपनी तरफ से फर्जी तथ्य ऐड करते थे।”

इम्तियाज नाम के यूजर ने अमिश देवगन के वीडियो पर तंज कसते हुए लिखा, “तुम अपनी तरफ से तो क्या बोलोगे, लिखा हुआ तो पढ़ नहीं पाते, मोहनदास करमचंद गांधी।”

भारती नाम की यूजर ने लिखा, “अमर या अमृता माफ कीजिएगा अमिश जी जाएं, पहले ठीक से याद करके आएं।” विनोद नाम के यूजर ने लिखा, “जिस पत्रकार को गांधी जी का पूरा नाम न मालूम हो, वो क्या गांधी जी के बलिदान को जानता होगा।”

राजीव रंजन नाम के यूजर ने लिखा, “बहुत मेहनत करके भी राष्ट्रपिता का नाम नहीं बोल पाए।” बब्लू कुमार नाम के यूजर ने लिखा, “इनके बोलने के अंदाज से ही पता चल जाता है कि इनकी डिग्री किस स्तर की है।”

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