बंगाल में भी बीजेपी का सूपड़ा साफ़, जहां जीती थी बीजेपी वहां भी बुरी तरह हारी

पश्चिम बंगाल की चार विधानसभा सीटों दिनहाता, शांतिपुर, खरदाह और गोसाबा में हुए उपचुनाव में ममता बनर्जी के आगे BJP ढेर हो गई है। दिनहाता और शांतिपुर वो सीटें हैं, जहां 6 महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में BJP ने जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार इन सीटों पर TMC ऐतिहासिक अंतर से जीती है। ​​​​​

दिनहाता में केंद्रीय राज्य मंत्री निशिथ प्रमाणिक ने खुद कैंपेन की डोर संभाली थी फिर भी यहां से TMC 1.64 लाख वोटों से जीती। इसी तरह गोसाबा सीट पर TMC की जीत का मार्जिन 1.43 लाख रहा। खरदाह में 93 हजार और शांतिपुर में 64 हजार से ज्यादा वोटों से TMC जीती।

TMC सिर्फ जीती ही नहीं बल्कि BJP को ध्वस्त कर दिया

आखिर जिन सीटों पर महज 6 महीने पहले BJP जीती थी, वहां भी इतने बड़े मार्जिन से क्यों हारी और BJP के इस हार के मायने क्या हैं? इस सवाल के जवाब में पश्चिम बंगाल की राजनीति पर गहरी पकड़ रखने वाले सीनियर जर्नलिस्ट स्निगधेंदु भट्टाचार्य कहते हैं, TMC सिर्फ जीती ही नहीं बल्कि उसने BJP को बंगाल में पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।

और BJP के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि TMC के साथ ही कम्युनिस्ट पार्टी का वोट शेयर भी बढ़ने लगा है। विधानसभा चुनाव में CPM का वोट शेयर 4 परसेंट पर आ गया था, जो अब एक सीट पर 20 परसेंट तक पहुंच गया है।

इसका सीधा इशारा ये है कि, CPM के वोट उसके पास दोबार पहुंचने लगे हैं। CPM के वोटों के जरिए ही ‌‌BJP ने लोकसभा में 18 सीटें और विधानसभा चुनाव में 77 सीटें जीतने में कामयाबी पाई थी, लेकिन अब ये नए आंकड़े BJP के लिए चिंता का सबब हैं।

​​​​दिनहाता तो नॉर्थ बंगाल में आता है। नॉर्थ बंगाल में BJP मजबूत है। यहां से आने वाले निशिथ प्रमाणिक को केंद्र में मंत्री भी बनाया गया, इसके बावजूद BJP यहां बुरी तरह से हारी।

ममता की पॉपुलर स्कीम भी जीत की वजह

​​​​​​​भट्‌टाचार्य कहते हैं, ऐसे परिस्थितियों में BJP को अपने सांसदों और विधायकों को एकजुट रखना मुश्किल होने वाला है। विधायक की संख्या पहले ही 77 से 70 पर आ चुकी है और बाबुल सुप्रियो के TMC में शामिल होने के बाद सांसदों की संख्या भी 18 से 17 पर आ गई।

चारों सीटों के नतीजे देखकर इस बात का संकेत मिलता है कि बंगाल में ममता बनर्जी के आगे BJP का जादू अभी चलने नहीं वाला। भट्‌टाचार्य कहते हैं, सरकार बनने के बाद ममता बनर्जी ने लक्ष्मीर भंडार नाम की एक स्कीम शुरू की है। इसमें सामान्य वर्ग की महिलाओं को 500 रुपए और आरक्षित वर्ग की महिलाओं को 1 हजार रुपए प्रतिमाह अकाउंट में दिए जाते हैं।

इस स्कीम की जबर्दस्त पॉपुलेरिटी प्रदेश में देखने को मिली। कई जगह तो पुलिस को भीड़ को कंट्रोल करना पड़ा। इस तरह की स्कीम्स से भी ममता बनर्जी को विराट जीत मिली है।

महिलाएं उन्हें एकतरफा समर्थन दे रही हैं। ऐसे में BJP को बंगाल में उन्हें हराना बहुत मुश्किल हो गया है। आगे आने वाले कुछ चुनावों में BJP की जीत की कोई संभावनाएं नजर नहीं आ रहीं।