बंगाल उपचुनाव में चार में से तीन सीटों पर बीजेपी की जमानत जब्त, पार्टी के प्रदर्शन पर उठे सवाल

बंगाल में हुए उपचुनाव में भगवा ब्रिगेड का प्रदर्शन इस बार बेहद ही निराशाजनक रहा। चार विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनाव में से तीन सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त हो गई है।गोसाबा, खड़दह और दिहाटा में भाजपा उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है, जिससे पार्टी के प्रदर्शन पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। सिर्फ शांतिपुर सीट पर भाजपा उम्मीदवार अपनी जमानत बचाने में सफल रहे।

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 341 (ए) के अनुसार, सामान्य उम्मीदवारों के लिए संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के मामले में 25,000 रुपये और विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ने के लिए 10,000 रुपये की सुरक्षा राशि (सिक्योरिटी अमाउंट) जमा करना अनिवार्य है।

इन दो चुनावों के लिए अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को केवल आधी राशि जमा करनी होती है। यदि कोई उम्मीदवार उस निर्वाचन क्षेत्र में कुल वैध मतों का 1/6 (16.7 प्रतिशत) प्राप्त करने में विफल रहता है, तो उम्मीदवार द्वारा जमा की गई राशि को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जब्त कर लिया जाता है।

दिनहाटा में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार उदयन गुहा ने भाजपा प्रत्याशी अशोक मंडल को 1,64,089 वोटों के बड़े के अंतर से हराया। गुहा को 1,89,575 वोट मिले, जबकि मंडल को केवल 25,486 वोट ही मिले।

मंडल खुद अपने बूथ और स्थानीय सांसद व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री निशिथ प्रमाणिक के बूथ पर भी बढ़त बनाने में नाकाम रहे। अप्रैल- मई में राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में प्रमाणिक ने इस सीट पर करीबी मुकाबले में महज कुछ सौ वोटों से जीत दर्ज की थी।

वहीं, उपचुनाव में इस सीट पर कुल 2,25,286 वोट पड़े और इसलिए गणितीय रूप से भाजपा प्रत्याशी मंडल कुल वोटों का छठा हिस्सा भी हासिल करने में विफल रहे और इस तरह उनकी जमानत राशि जब्त हो गई।

वहीं, विधानसभा चुनाव में मामूली अंतर से हारने वाले उदयन गुहा उपचुनाव में इस सीट से 1,64,089 मतों के भारी अंतर से जीते हैं, जो पश्चिम बंगाल चुनाव के इतिहास में सबसे अधिक है।

इधर, दक्षिण 24 परगना जिले के गोसाबा से तीन बार के विधायक जयंत नस्कर की कोविड के कारण हुई मृत्यु के बाद उम्मीदवार बनाए गए मंडल ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी – भाजपा के पलाश राणा को 1,43,051 मतों के अंतर से हराया।

मंडल को 1,61,474 मत मिले जबकि राणा को 18,423 मत ही मिले जो कुल मतों का छठा हिस्सा भी नहीं है। इसके बाद स्वाभाविक रूप से राणा की जमानत राशि जब्त कर ली गई।

इसी तरह, उत्तर 24 परगना जिले के खड़दह में भाजपा के जाय साहा की जमानत भी जब्त हो गई, जो टीएमसी उम्मीदवार व राज्य के कृषि मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय के साथ समान लड़ाई लड़ रहे थे। चट्टोपाध्याय ने 93,832 मतों के अंतर से जीत हासिल की और उन्हें 1,14,086 मत मिले, जबकि साहा को केवल 20,254 मत मिले, जो कुल मतों का छठा हिस्सा भी नहीं था।

शांतिपुर में अपनी जमानत बचाने में सफल रही भाजपा

चार सीटों पर हुए उपचुनाव में नदिया जिले के शांतिपुर में ही भाजपा सिर्फ अपनी जमानत बचाने में सफल रही। हालांकि टीएमसी के ब्रजकिशोर गोस्वामी ने 1,12,087 वोट हासिल करके 64,675 के अंतर से जीत हासिल की, लेकिन भाजपा उम्मीदवार निरंजन विश्वास 47,412 वोट हासिल करने में सफल रहे और इस तरह उन्होंने अपनी जमानत राशि बचा ली। इस सीट से विधानसभा चुनाव में भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने जीत दर्ज की थी। उनके इस्तीफे के कारण यहां उपचुनाव की नौबत आई।