औरतें यूं ही नहीं पहनती हैं बिछिया, इसके पीछे भी होते हैं कुछ वैज्ञानिक कारण

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किसी पुरुष को देखकर ये अंदाजा लगाना मुश्किल ही होता है कि उसकी शादी हुई है या नहीं। मगर एक किसी शादीशुदा महिला को पहचानना हर किसी के लिए बाएं हाथ का खेल होता है।

एक शादीशुदा महिला मंगलसूत्र, सिंदूर, चूड़ियों से लेकर मंगलसूत्र तक सबकुछ पहनती है। हमने बचपन से अपनी माँ से लेकर भाभियों को इसी तरह देखा है। इस सभी चीजों को सुहाग की निशानी माना जाता है।

मगर क्या आप जानते हैं कि ये सभी सिर्फ सुहाग की निशानी नहीं है। इन्हें पहनने के पीछे कई वैज्ञानिक कारण होते हैं। आज हम इन सभी की तो नहीं मगर बिछिया पहनने के वैज्ञानिक कारणों की बात जरूर करेंगे।

तो चलिए आज इन्हीं वैज्ञानिक कारणों पर बात करते हैं और बताते है कि किस तरह ये महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकती है।
सबसे पहले यह जान लीजिए

हालांकि आजकल फैशन ट्रेंड के चलते किसी भी उंगली या सभी उंगलियों में बिछिया पहन ली जाती है। मगर वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो अंगूठे के पास वाली उंगली में बिछिया पहनी जाती है।

आगे जानिए कैसे ये महिलाओं के इस बहुत खास अंग को स्वस्थ रखती है।

गर्भाशय पर भी पड़ता है असर

आपको शायद ये जानकर हैरानी होगी, लेकिन बिछिया पहनने का सीधा संबंध महिलाओं के गर्भाशय से है। साइंस की माने तो पैरों के अंगूठे की तरफ से दूसरी उंगली में एक विशेष नस होती है, जो कि गर्भाशय से जुड़ी होती है। यह गर्भाशय को नियंत्रित करती है। रक्तचाप को संतुलित कर इसे स्वस्थ रखती हैं।
बढ़ती है फर्टिलिटी क्षमता

बिछिया पहनने से महिलाओं की प्रजनन क्षमता बढ़ती है। पांव में बिछिया पहनना फर्टिलिटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।
ये हैं आयुर्वेद का मानना

आयुर्वेद के अनुसार महिलाओं में फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए बिछिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दरअसल, बिछिया पहनने पर साइटिक नर्व की एक नस दबती है, जिससे आसपास की दूसरी नसों में रक्त का प्रवाह तेज होता है। इससे यूट्रेस, ब्लैडर और आंतों तक रक्त का प्रवाह ठीक होता है।
मासिक धर्म होता है नियमित

बिछिया सिर्फ शृंगार के लिए नहीं पहनी जाती है बल्कि इसे पहनने से कई फायदें भी होते हैं। बिछिया पहनने से मासिक धर्म संबधी दिक्कतें कम होती है। मासिक धर्म नियमित होता है।

ह्रदय को स्वस्थ रखती है

पैर की दूसरी उंगली की तन्त्रिका का सम्बन्ध गर्भाशय से होता है। यह हृदय से होकर गुजरती है। ऐसे में बिछिया पहनने से ह्रदय गति भी नियमित रहती है।

तनाव दूर करती है

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