आठ साल तक जमा किये 5-10 के सिक्कों को लेकर दिहाड़ी मजदूर पहुंचा स्कूटी लेने, हाथ में चाबी मिलते ही लगा रोने…!

असम में गुवाहाटी के बोरागांव क्षेत्र में रहने वाले उपेन राय ने आज से करीब आठ साल पहले 2014 में एक गुल्लक खरीद कर घर लाया. उपेन दिहाड़ी मजदूरी करता है. लिहाजा, उसने रोजाना गुल्लक में सिक्के डालने शुरू किए.

कभी वह उसमें 1 रुपया डालता तो कभी 2, 5 और 10 रुपये के सिक्के डालता क्योंकि उसने एक दोपहिया वाहन खरीदने का सपना देखा था. और आखिरकार 5 अप्रैल को वह सपना पुरा हुआ. उपेन ने खुद के लिए एक स्कूटी खरीदी.

8 साल बाद जब उसने अपने गुल्लक से पैसे निकाले तो गिनने पर पता चला कि उसने 1.5 लाख रुपये बचा लिए. इस बाद उपेन ने अपनी मेहनत की कमाई को बोरी में भरा और एक डीलर के पास पहुंच गया और सफेद रंग की स्कूटी खरीदी.

एक दुकानदार ने भी सिक्के से खरीदी थी स्कूटी

उपेन राय की ही तरह असम के बारपेटा जिले में एक दुकानदार ने हर दिन सिक्के बचाकर एक नया स्कूटर खरीदा था. यह खबर भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी. यह मामला तब सामने आया था जब एक यूट्यूबर ने उसकी कुछ तस्वीरें फेसबुक पर शेयर की थी.

इस युवक ने 1 रुपये सिक्के देकर लिए 2.6 लाख की बाइक

इसी तरह कुछ दिन पहले ही तमिलनाडू के सलेम के रहने वाले वी बूबाथी ने भी सिक्कों को जमाकर अपने लिए एक ड्रीम बाइक खरीदी थी. बूबाथी ने 3 साल में पैसे जमाकर 2.6 लाख रूपये की बाइक ली थी.

मोटरसाइकिल शोरूम के कर्मचारियों ने बूबाती की तीन साल की बचत को गिनने में 10 घंटे का समय लिया था. ड्रीम बाइक खरीदने के बाद राय की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा और वह खुशी से रोने लग गये.

बीसीए में डिग्री हासिल करने वाले बूबाथी 4 साल पहले एक निजी कंपनी में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम करते थे. बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर अपना YouTube नल शुरू किया. बूबाथी ने किस तरह सिक्के ले जाकर बाइक खरीदी, इसका भी वीडियो उन्होंने अपने YouTube चैनल पर अपलोड किया था.