हरियाणा का मोहित करहाना जायेगा अमेरिका में PHD करने, 22 साल की उम्र में मिली इतने करोड़ की फैलोशिप….!

अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ केंटुकि, लेक्सिगंटन में चयनित होकर हरियाणा के रहने वाले 22 वर्षीय मोहित करहाना ने साबित कर दिया कि मेहनत करने वालों की हार नहीं होती.

मोहित की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि अपनी पीएचडी की पढ़ाई दौरान उन्हें लगभग 1,70,000 रुपए प्रतिमाह छात्रवृत्ति के साथ फ्री ट्यूशन इत्यादि का लाभ भी मिलेगा.

गुरुग्राम के गुलाखुवास गांव से लेकर हरियाणा के कृषि विश्वविद्यालय तक के सफर में उसे हर कदम पर अपने शिक्षकों का खूब प्यार मिला. अब जब वो करीब दो करोड़ की फैलोशिप के साथ अमेरिका में पीएचडी करने जा रहा है तब परिवार के हर सदस्य पर उस पर गर्व है.

मोहित की मां ने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने भी उनके बेटे को शुभकामनाएं दीं हैं.

दूसरी तरह मोहित ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां बबीता और पिता सतीश करहाना को दिया. मोहित के मुताबिक उनके परिवार ने उन्हें कभी किसी चीज की कमी नहीं होने दी. सफलता हो या फिर असफलता उनके माता-पिता ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया.

परिणाम स्वरूप उनकी राह आसान हो गई. मोहित ने अपने गुरुओं को भी याद किया. डॉ. विनोद मलिक और डॉ. सुरेन्द्र सिंह का उन्होंने खास तौर पर शुक्रिया कहा. डॉ. विनोद ने जहां, मोहित के लिए एडवाइजर की भूमिका निभाई. वहीं डॉ. सुरेन्द्र ने उन्हें नई-नई तकनीकों से अवगत कराया.

मोहित की सफलता इस बात का प्रमाण है कि कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है. इंसान अगर पूरे मन से किसी लक्ष्य को पाने के लिए परिश्रम करता है तो उसकी कोशिश बेकार नहीं जाती है.