‘मैं विद्यालय जाता हूं’ का हिंदी अनुवाद नहीं कर सके हेडमास्टर, SDO भड़के, वीडियो वायरल…!

अगर स्कूल में पढ़ाने वाले टीचर को ही अच्छे से ज्ञान नहीं है तो छात्रों को अच्छी शिक्षा कैसे प्राप्त होगी? यह सवाल हर एक अभिभावक का है, जो अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए स्कूल में भेजता है.

हालांकि, कई बार सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा अधिकारी औचक निरीक्षण के लिए पहुंच जाते हैं और क्लास में मौजूद टीचर से ऐसे सवाल पूछ लेते हैं जो बच्चों को भी मालूम होना चाहिए.

कुछ ऐसा बिहार के मोतिहारी जिले में देखने को मिला, जब एसडीओ स्कूल में पहुंचकर टीचर्स से सिंपल सवाल पूछे. इस दौरान टीचर्स के गलत और अटपटे जवाब ने लोगों को चौंका कर रख दिया. यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया जाने लगा.

एसडीओ अधिकारी का जवाब नहीं दे पाए शिक्षक

एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एसडीओ ने स्कूल के हेडमास्टर से ‘मैं विद्यालय जाता हूं’ का अंग्रेजी में अनुवाद करने को कहा तो उनकी बोलती बंद हो गई और उल्टे-सीधे जवाब दिये.


इतना ही नहीं, जैसे वह स्कूल के एक क्लास में घुसे और टीचर से एक ऐसा सवाल किया जिसका मतलब उन्हें मालूम ही नहीं था. क्लास में मौजूद छात्रों के सामने एसडीओ द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब टीचर नहीं दे पाए. उन्होंने क्लास में टीचर से पूछा कि जलवायु और मौसम में क्या अंतर है? जिसका जवाब टीचर के पास नहीं था.

क्लास में पढ़ा रहे टीचर से भी पूछा सवाल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला मोतिहारी जिले के पकड़ीदयाल क्षेत्र में गुरुवार को हुआ, जब एसडीओ कुमार रवींद्र स्कूलों में निरीक्षण के लिए पहुंचे. वह क्लास में घुसे और बच्चों को पढ़ा रहे टीचर से ‘मौसम और जलवायु के बीच क्या अंतर है?

 

सवाल किया, जिसका जवाब वह नहीं दे सके. इसके बाद एसडीओ ने न सिर्फ टीचर बल्कि बच्चों को भी बताया कि आखिर दोनों के बीच क्या अंतर होता है. वहीं, एक और वीडियो में यह भी देखा गया कि स्कूल के हेडमास्टर से एसडीओ ने अंग्रेजी अनुवाद का एक सवाल पूछा.

अंग्रेजी का अनुवाद नहीं कर पाए हेडमास्टर

उन्होंने हेडमास्टर से ‘मैं विद्यालय जाता हूं’ का अंग्रेजी अनुवाद पूछा, जिसका जवाब नहीं दे सके. इतना ही नहीं, एसडीओ ने संस्कृत में भी अनुवाद करने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं कर सके.

इसके बाद एसडीओ ने खुद बताया कि कैसे अनुवाद किया जाता है. लोग इस वीडियो को काफी वायरल कर रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि जब टीचर का यह हाल है तो स्कूल के छात्र कैसे शिक्षा ग्रहण करेंगे.