एक साथ बीमार हो गए इंडिगो एयरलाइन्स के सैकड़ों कर्मचारी, आखिर क्यों छुट्टी के लिए बनाया झूठा बहाना…!

इंडिगो एयरलाइन्स को उस वक्त परेशानी का सामना करना पड़ा जब उसके सैकड़ों कर्मचारियों ने बीमारी का बहाना बनाकर एकसाथ छुट्टी ले ली. इस वजह से कई फ्लाइट देरी से उड़ान भर सकीं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

एक दिन में इतनी उड़ानों में देरी की वजह से DGCA ने एयरलाइन से इसके पीछे की वजह पूछी, जिसके जवाब में उन्होंने बताया कि केबिन कू के कई मेंबर्स ने बीमार होने के कारण छुट्टी ले ली थी. ऐसे में फ्लाइट्स टेक ऑफ करने में काफी देरी हुई.

कर्मचारियों द्वारा बीमारी का बहाना बनाकर छुट्टी लेकर दूसरी कंपनी में नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाना आम बात है. मगर, इंडिगो कंपनी में हुई घटना काफी चौंकाने वाली और मजेदार है.

यहां एक ही दिन सैकड़ों की संख्या में कर्मचारियों ने कोई न कोई बहाना बनाकर छुट्टी ले ली. इस वजह से कंपनी का काम प्रभावित हो गया. इंडिगो की घरेलू उड़ानों में से 55 प्रतिशत उड़ानों में शनिवार को देरी हुई.

जानकारी के मुताबिक, चालक दल के सदस्य बीमार होने के नाम पर छुट्टी लेकर एअर इंडिया में नौकरी के लिए इंटरव्यू देने चले गए थे.

केवल 45 प्रतिशत उड़ाने समय पर

केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय के मुताबिक, शनिवार को इंडिगो की केवल 45 फीसदी उड़ानें समय पर संचालित हो पाईं. 55 प्रतिशत फ्लाइट देर से गंतव्य तक पहुंची.

इसकी तुलना में शनिवार को एअर इंडिया, स्पाइसजेट, विस्तारा, गो फर्स्ट और एअर एशिया इंडिया की क्रमशः 77.1 फीसदी, 80.4 फीसदी, 86.3 फीसदी, 88 फीसदी और 92.3 फीसदी उड़ानों का परिचालन अपने तयशुदा वक्त पर हुआ.

छुट्टी लेकर कर्मचारी दे रहे इंटरव्यू

कंपनी सूत्रों की मानें तो बड़ी संख्या में चालक दल के सदस्यों ने बीमार छुट्टी ली और एयर इंडिया के भर्ती अभियान के लिए चले गए. एयर इंडिया के भर्ती अभियान का दूसरा चरण शनिवार को आयोजित किया गया था और बीमार छुट्टी लेने वाले इंडिगो के अधिकांश केबिन क्रू सदस्य इसके लिए गए थे.

कोरोना के समय से वेतन में कटौती

कोरोना महामारी (Corona) के दौरान, इंडिगो ने अपने पायलट के वेतन में 30 प्रतिशत तक की कटौती की थी. इस साल 1 अप्रैल को एयरलाइन ने पायलटों के वेतन में 8 फीसदी की बढ़ोतरी करने के अपने फैसले की घोषणा की थी.

 

इसमें कहा गया है कि कोई व्यवधान नहीं होने की स्थिति में नवंबर से 6.5 प्रतिशत की एक और बढ़ोतरी लागू की जाएगी. हालांकि, पायलटों का एक वर्ग असंतुष्ट रहा और उसने हड़ताल आयोजित करने का फैसला किया.