पोप फ्रांसिस के साथ पीएम मोदी की मुलाकात पर बीजेपी सांसद ने उठाये ये सवाल

इटली में पोप फ्रांसिस के साथ पीएम मोदी की मुलाकात पर उनके अपने ही सांसद अब सवाल उठा रहे हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट कर पूछा है कि क्या भारत में ईसाइयों की हत्या में वृद्धि हो रही है।

दरअसल जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इटली पहुंचे पीएम मोदी ने शनिवार को वेटिकन सिटी में पोप से मुलाकात की थी। दोनों के बीच ये मीटिंग तय समय से भी अधिक चली। इस दौरान पीएम मोदी ने पोप फ्रांसिस को भारत आने का न्यौता भी दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। अब इसी को लेकर स्वामी ने ट्वीट कर सवाल उठाया है।

स्वामी ने एक आर्टिकल शेयर करते हुए कहा- पोप ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया- वेटिकन न्यूज: …क्या बीजेपी हिंदू राष्ट्रवादी है? क्या भारत में ईसाइयों की हत्या बढ़ रही है?

स्वामी ने वेटिकन न्यूज का आर्टिकल शेयर किया है, जिसमें पीएम मोदी और पोप फ्रांसिस की मुलाकात के साथ-साथ भारत में ईसाई धर्म की वर्तमान स्थिति को भी प्रमुखता से जगह दी गई है। आर्टिल के अनुसार भारत में बढ़ती ईसाई वि’रोधी हिं’सा के संदर्भ में, कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया ने हमेशा देश की भलाई के लिए सरकार से बातचीत की मांग की है।

जनवरी में, कार्डिनल्स ओसवाल्ड ग्रेसियस, बॉम्बे के आर्कबिशप, जॉर्ज एलेनचेरी, सिरो-मालाबार चर्च के मेजर आर्कबिशप, और सिरो-मलंकारा चर्च के मेजर आर्कबिशप, बेसलियोस क्लेमिस ने चर्च द्वारा किए गए कार्यों को स्पष्ट करने के लिए पीएम मोदी के साथ बैठक की थी। इस दौरान भारत में शैक्षिक, स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्रों में किए गए कामों को पीएम मोदी के सामने रखा गया था।

उस बैठक के दौरान जिन अन्य मुद्दों को उठाया गया, उनमें से एक था- अल्पसंख्यक ईसाईयों की स्थिति। साथ ही इस दौरान फादर स्टेन स्वामी का भी मुद्दा उठाया गया था, जिनकी मौ’त जे’ल में ही हो गई थी। स्वामी के ट्वीट से लगता है कि उनका निशा’ना इन्हीं सब बातों को लेकर है।

बता दें कि पीएम मोदी के न्योते को पोप फ्रांसिस ने भी स्वीकार कर लिया है। अगर पोप फ्रांसिस भारत आते हैं तो यह तीसरे पोप होंगे जो भारत आएंगे। स्वामी इन दिनों केंद्र सरकार और उसकी नीतियों को लेकर लगातार आलो’चना करते दिख जाते हैं। इससे पहले भी स्वामी वित्त और विदेश नीति को लेकर मोदी सरकार पर निशा’ना सा’धते रहे हैं।