ED अधिकारी द्वारा रिश्वत लेने का मामला सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमलावर हो गयी है. AAP सांसद संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुप्रीम कोर्ट से ED को बंद करने की अपील की है. संजय सिंह ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी जिस ईडी को भ्रष्टाचार खत्म करने का साधन कहते हैं, वो एक्सटार्शन डिपार्टमेंट बन गई है.
ईडी का असिस्टेंट डायरेक्टर सात लोगों के साथ तथाकथित शराब घोटाला मामले में एक आरोपी को बचाने के लिए उसके पिता से पांच करोड़ रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया है. इस मामले से जुड़े सीए के पास से 2.14 करोड़ कैश के साथ ही 1.90 करोड़ रुपए की ज्वैलरी भी बरामद हुई है.
राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि तथाकथित शराब घोटाला पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं, फिर भी पिछले एक साल से इसकी जांच चल रही है.
दरअसल, पीएम मोदी ने गैर भाजपा शासित राज्यों में विधायकों को तोड़ने और घोटाले में घोटाला करने के लिए ही ईडी डिपार्टमेंट बनाया है. इसमें किन-किन अधिकारियों का हिस्सा है, इसकी जांच की जाए. साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले का संज्ञान ले और ईडी डिपार्टमेंट को बंद करे.
संजय सिंह ने कहा कि पिछले एक साल से ईडी और सीबीआई द्वारा तथाकथित शराब घोटाले की जांच की जा रही है. यह पूरी तरह से एक मनगढ़ंत घोटाला है. इसमें कोई घोटाला ही नहीं हुआ है, फिर भी जांच चल रही है. इस मामले में ईडी बार-बार अपना बयान भी बदल रही है. कभी 100 करोड़ रुपए का घोटाला बताती है तो कभी एक हजार करोड़ का बताती है.
संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने कई बार ईडी के असल चेहरे को बेनकाब भी किया है. ईडी ने चंदन रेड्डी को मारपीट कर, उसके कान के पर्दे फाड़ कर उसका बयान लिया गया.
एक व्यक्ति को ईडी ने धमकाया कि तुम्हारी बेटी कॉलेज कैसे जाएगी? ईडी ने सारे मोबाइल फोन अपने पास रखकर झूठ बोला कि मनीष सिसोदिया ने फोन तोड़ दिया. ईडी ने फर्जी तरह से मेरा नाम चार्जशीट में शामिल कर लिया और जब मैंने ईडी को नोटिस दिया तो बोली की गलती हो गई.
राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ईडी के हाथ में हाथ मिलाकर कहते हैं कि ईडी के जरिए हम भ्रष्टाचार खत्म करेंगे. पीएम मोदी की सबसे प्रिय संस्था ईडी अब एक्सटार्शन डिपार्टमेंट बन गई है. अब ईडी, ईडी नहीं रही. अब ईडी धन उगाही का डिपार्टमेंट बन गई है. अब यह बात खुद ईडी ही कह रही है.
ईडी का असिस्टेंट डायरेक्टर सात लोगों के साथ पांच करोड़ रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया. यह रिश्वत तथाकथित दिल्ली शराब घोटाला मामले में आरोपी अमन ढल को बचाने के नाम पर उसके पिता से ली गई है. पिछले एक साल से ईडी यही कर रही है. तथाकथित घोटाले की जांच के नाम पर मनीष सिसोदिया समेत अन्य को गिरफ्तार कर जेल में डाला जाता है और हर दिन झूठ खबरें फैलाई जाती है.
मोदी सरकार के आने के बाद ईडी ने यह सिलसिला पूरे देश में चला रखा है. पिछले 9 वर्षों में ईडी ने 3 हजार छापेमारी की है और मात्र 23 लोगों पर ही आरोप सिद्ध कर पाई है. यानि 0.50 फीसद कन्वीक्शन रेट है.
राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम मोदी ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, गोवा, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, दिल्ली, पंजाब समेत पूरे देश में विधायकों को तोड़ने के लिए एक्सटार्शन डिपार्टमेंट ईडी बना रखा है.
पीएम मोदी ने ईडी को पूरे देश में गुंडागर्दी का लाइसेंस दे रखा है. सर्वोच्च न्यायलय से अनुरोध है कि ईडी डिपार्टमेंट को बंद किया जाए. इसकी कोई आवश्यकता नहीं है. यह सिर्फ भाजपा के गुंडागर्दी का विंग है.
उन्होंने कहा कि भाजपा का ईडी एक्सटार्शन डिपोर्टमेंट है. ईडी घोटाले की जांच में घोटाला कर रही है. ईडी के अधिकारी ऐसा इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि वो देख रहे हैं कि मोदी उसके जरिए महाराष्ट्र में विधायक पकड़वाते हैं. फिर उन विधायकों को धमकवाते हैं और केस करवाते हैं. फिर विधायकों को 50 खोखा दे देते हैं.
विधायक 50 खोखा लेकर सरकार के साथ शामिल हो जाते हैं और ईडी के अधिकारियों को कुछ नहीं मिलता है. इस तरह भारतीय खोखा पार्टी ने खोखा अधिकारी तैयार किया है. इसी के चलते ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर ने तथाकथित दिल्ली शराब घोटाले के मामले में एक आरोपी को बचाने के नाम पर पांच खोखा लिया.
ईडी द्वारा वसूली गई एक्सटार्शन की रकम में से कुछ हिस्सा भाजपा के पास भी पहुंचता है. इसमें ईडी के किन-किन अधिकारियों का हिस्सा है. इसकी भी जांच की जानी चाहिए. ईडी डिपार्टमेंट को तत्काल बंद किया जाना चाहिए. देश में यह खतरनाक डिपार्टमेंट पैदा हो गया है. जिसको गुंडागर्दी और एक्सटार्शन करने का सरकारी लाइसेंस मिला है.
राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने आरोप लगाया और ईडी के काम करने का तरीका बताते हुए कहा कि ईडी वाले किसी को पकड़कर जेल में डालेंगे, वहां मारपीट करेंगे, कान का पर्दा फाड़ेंगे, किसी भी नेता के खिलाफ फर्जी बयान लेंगे और उसको मीडिया में लीक करेंगे. इसके बाद उस नेता को पकड़कर जेल में डालेंगे.
पिछले एक साल से ईडी का यही सिलसिला चल रहा है. हर जगह ईडी से पूछा जा रहा है कि कहां पैसा पकड़ा गया, लेकिन ईडी कुछ नहीं बता पा रही है. मनीष सिसोदिया के गांव में छापेमारी की, बैंक लॉकर चेक किया, घर पर छापेमारी की, लेकिन कहीं कुछ नहीं निकला. फिर भी आरोप लगाए जा रहे हैं.
ईडी वाले किसी को पकड़कर जेल में डालते हैं. फिर उनसे कहते हैं कि इस आदमी के खिलाफ बयान देना है, फिर तुम्हारी जमानत करा देंगे. इसके बाद उससे पैसा लेकर उसकी जमानत कराकर बाहर लाते हैं और उससे मनमर्जी बयान लिखवाते हैं.
राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि तथाकथित शराब घोटाले की जांच को कूड़ेदान में डाल देना चाहिए. धन उगाही का काम कर रहे ईडी के सभी अधिकारियों को पकड़कर जेल में डालना चाहिए. यह बहुत ही शर्म की बात है कि पीएम मोदी ने ऐसी संस्था बना दी है, जो पूरे देश में विधायकों को तोड़ने-खरीदने, उगाही करने, भ्रष्टाचार करने का काम कर रही है.
सर्वोच्च न्यायलय इस घटना का संज्ञान ले. जो भ्रष्टाचारी मोदी वाशिंग पाउडर से धुल गया, उस पर कार्रवाई नहीं होगी. हिमंता विश्व शरमा, सुभेंदु अधिकारी, मुकुल राय, अजीत पवार, छगन भुजबल, हसन मुसरिफ, येदुरप्पा, रेड्डी ब्रदर्स पर कार्रवाई नहीं होगी. पूरे देश को दिख रहा है कि ईडी सिर्फ गुंडादर्गी और धन उगाही करने के लिए ही बनी है. क्या धन उगाही करने के लिए लोगों के टैक्स के पैसे से इनको तनख्वाह दी जाती है.
वहीं, दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा है कि संजय सिंह को पता होना चाहिए कि ईडी असिस्टेंट निदेशक की जो गिरफ्तारी हुई है वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का परिणाम हैं.
सांसद संजय सिंह को झूठे बयान जारी करने के बजाय यह बताना चाहिए कि एक भ्रष्ट अधिकारी गिरफ्तार हो गया है तो उन्हें चिंता क्यों हो रही है.
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि दरअसल सांसद संजय सिंह इस बात से परेशान हैं कि अब यह खुलासा हो गया है कि अधिकारी ने शराब माफिया अमन ढल्ल से रिश्वत ली थी और जल्द ही संजय सिंह और मनीष सिसौदिया समेत कई AAP नेताओं के अमन ढल्ल से संबंधों का खुलासा भी हो सकता है. सांसद संजय सिंह को अब केजरीवाल सरकार के शराब घोटाले पर कई सवालों का जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए.