रिक्शा चलाने वाले का बेटा कैसे बना कलेक्टर, पहले ही अटेंप्ट में क्लीयर की परीक्षा, आज हैं IAS ऑफिसर….

एक कहावत है कि पूत के पैर पालने में ही दिख जाते हैं। इस कहावत का मतलब ये होता है कि जो होशियार होता है, उसके लक्षण बचपन में ही दिखाई देने लगते हैं। IAS गोविंद जायसवाल की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। उन्होंने साल 2006 में 22 साल की उम्र में यूपीएससी की … Read more